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जानिए थायराइड के लक्षण, कारण और इलाज

क्या आप दिन मे काफी ज्यादा थकान महसूस करते है? क्या आपका वजन अचानक से बढ़ने लगा है , क्या आपके बाल झड़ने लगे है? अगर हाँ तो इसका एक कारण आपकी थायराइड ग्रंथि भी हो सकती है। Thyroid गर्दन मे तितली के आकार की ग्रंथि है। यह ग्रंथि थायरोक्सिन हार्मोन का उत्पादन करती है जो हमारे metabolism की गति को नियंत्रित करता है। इसे टी 4 के रूप में भी जाना जाता है। metabolism प्रणाली शरीर को ऊर्जा का उपयोग करने में मदद करती है।


थायराइड रोग थायराइड हार्मोन के उत्पादन को बाधित करके metabolism को धीमा या तेज कर सकता हैं। जब इस हार्मोन का स्तर बहुत कम या बहुत अधिक हो जाता है, तो इससे कई तरह की समस्याएँ देखने को मिलती है |



थथायराइड ग्रंथि को मस्तिष्क का एक प्रतिक्रिया तंत्र नियंत्रित करता है। जब thyroid hormone का स्तर कम होता है, मस्तिष्क में हाइपोथैलेमस एक हार्मोन का उत्पादन करता है जिसे थायरोट्रोपिन रिलीजिंग हार्मोन (TRH) कहा जाता है। इसके कारण पिट्यूटरी ग्लैंड थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH) का स्राव करती है। TSH थायराइड ग्रंथि को और अधिक स्राव करने के लिए उत्तेजित करता है। चूंकि Thyroid ग्रंथि को पिट्यूटरी ग्रंथि और हाइपोथैलेमस द्वारा नियंत्रित किया जाता है, इसलिए इन ऊतकों के विकार Thyroid के कार्यो को भी प्रभावित कर सकते हैं और थायराइड की समस्या पैदा कर सकते हैं।



थायराइड के प्रकार :-

Thyroid disorder के मुख्य 2 प्रकार होते हैं: – Hypothyroidism और Hyperthyroidism


जब हमारी थायराइड ग्रंथि थायरोक्सिन हार्मोन का बहुत अधिक उत्पादन करती है तो इसे Hyperthyroidism/ हाइपरथायराइडिज्म कहा जाता है। हाइपरथायराइडिज्म आपके शरीर के चयापचय को तेज कर सकता है, जिससे वजन कम हो सकता है और तेजी से या अनियमित दर से दिल की धड़कन बढ़ सकती है।


HYPERTHYROIDISM के लक्षण :-

HYPERTHYROIDISM के अनेक लक्षण है जिसमे से निचे दिए गए प्रमुख है. अगर किसी इंसान को इनमे से ज्यादातर लक्षण दिखाई दे तो तुरतं जांच करवानी चाहिए.
1. वजन घटना या वजन का न बढ़ना
2. आअनियमित दिल की धड़कन
3. जभूख में वृद्धि
4. घबराहट, चिंता और चिड़चिड़ापन
5. हाथों और उंगलियों में कंपन होना
6. पसीना आना
7. मासिक धर्म पैटर्न में परिवर्तन
8. गर्मी के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि
9. थकान, मांसपेशियों में कमजोरी
10. सोने में कठिनाई
11. थायरॉयड ग्रंथि के आकार मे वृद्धि



HYPOTHYROIDISM

हाइपोथायरायडिज्म तब होता है जब हमारी थायराइड ग्रंथि पर्याप्त थायरोक्सिन हार्मोन का उत्पादन नहीं करती है। हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं। स्थिति की गंभीरता भी प्रभावित करती है कि कौन से लक्षण कब दिखाई देते हैं । लक्षण कभी-कभी पहचानना भी मुश्किल होता है।



HYPOTHYROIDISM के लक्षण

HYPOTHYROIDISM डायबिटीज के अनेक लक्ष्ण है जिसमे से निचे दिए गए प्रमुख है. अगर किसी इंसान को इनमे से ज्यादातर लक्षण दिखाई दे तो तुरतं जांच करवानी चाहिए.
1. वजन बढ़ना
2. थकान
3. जठंडे तापमान के प्रति संवेदनशीलता
4. डिप्रेशन
5. रूखी त्वचा
6. बालो का झड़ना
7. मासिक धर्म मे परिवर्तन
8. नींद न आना
9. ध्यान केन्द्रित करने मे कठिनाई
10. जोड़ों का दर्द या सूजन
11. कब्ज
12. उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर
13. मांसपेशीयों में कमज़ोरी



थायराइड का निदान कैसे किया जाता है?

Medical history और physical exam के अलावा, थायराइड के निदान के लिए विशेष टेस्ट का उपयोग किया जाता है। आमतौर पर thyroid हार्मोन और TSH के स्तर को मापने के लिए Blood test किया जाता है। थायराइड नोड्यूल मौजूद होने पर आमतौर पर इमेजिंग परीक्षणों का उपयोग किया जाता है। अल्ट्रासाउंड ग्रंथि के भीतर ऊतक की स्थिरता का अनुमान दे सकता है |


थायराइड का इलाज :–

1. Hypothyroidism का इलाज लेवोथायरोक्सिन नामक दवा से किया जाता है। यह एक सिंथेटिक हार्मोन टैबलेट है जो शरीर में missing थायराइड हार्मोन को replaces कर देता है। डॉक्टर रोगी की खुराक को स्थिति के हिसाब से adjust करते है जिससे वे जल्द ही अपनी सामान्य जीवनशैली में वापस आ सकते है ।
2. Hyperthyroidism का इलाज आमतौर पर कठिन होता है। इसके उपचार में हार्मोन के उत्पादन को अवरुद्ध करने के लिए ड्रग थेरेपी शामिल हो सकती है। इसमे मेथिमाज़ोल (टैपाज़ोल) और प्रोपयलतिौरसील शामिल हैं
3. इसके अलावा radioactive iodine treatment द्वारा थायराइड को निष्क्रिय किया जाता है। यह एक दवा है जिसे thyroid level को कम करने के लिए लिया जाता हैं। आमतौर पर इसे 3 से 6 महीने लगते हैं।
4. जयहां तक कि थायरॉयड सर्जरी द्वारा कुछ भाग या संपूर्ण ग्रंथि को भी हटाया जाता है।